Wednesday, May 25, 2022

महिलाओं के लिए जानलेवा साबित हो सकता है कार्डियक अरेस्ट, समय रहते जान लें इसके लक्षण


Cardiac Arrest: आजकल कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest) युवाओं को काफी बीमार कर रही है. कई यंग जेनरेशन (Young Generation) के लोगों को ये बीमारी अपनी चपेट में ले चुकी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं (Female Patient as compare Male) में कार्डियक अरेस्ट के मामले सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं. हालांकि महिलाओं में इसके लक्षण आम नहीं है. ऐसे में कई बार इस समस्या को समझ पाना मुश्किल हो जाता है. महिलाओं में कार्डियक अरेस्ट के कई तरह के लक्षण होते हैं जिन्हें नज़रअंदाज करना मुश्किल हो जाता है. आइये जानते हैं महिलाओं में कार्डियक अरेस्ट के लक्षण और क्या हैं बचा ?

हार्ट अटैक- हार्ट अटैक में किसी व्यक्ति के हार्ट की धमनियों में ब्लड सर्कुलेशन रुक जाता है. इस स्थिति में व्यक्ति होश में तो रहता है, लेकिन उसे सांस लेने में तकलीफ होती है. अगर सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो ये हार्ट अटैक के लक्षण है.

कार्डियक अरेस्ट- हार्ट अटैक से अलग कार्डियक अरेस्ट ज्यादा खतरनाक है. कार्डियक अरेस्ट पड़ने पर हार्ट में ब्लड सर्कुलेशन पूरी तरह बंद हो जाता है. ऐसी स्थिति में व्यक्ति कोमा में भी जा सकता है. स्थिति गंभीर होने पर जान जाने की भी संभावना रहती है. 

कार्डियक अरेस्ट के लक्षण

1- कार्डियक अरेस्ट में धड़कने बढ़ कर 300-400 तक हो जाती है.
2- इस स्थिति में ब्लड प्रेशर लो हो जाता है और हार्ट के फंक्शन में भी परेशानी आती है.
3- ऐसी स्थिति में शरीर के दूसरे हिस्सों में ब्लड सर्कुलेशन रुक जाता है. 

कार्डियक अरेस्ट की वजह

अगर आपको पहले से कोई बीमारी है तो आपको कार्डियक अरेस्ट का खतरा रहता है. अगर आप डायबिटीज, हाई ब्लडप्रेशर, कोलेस्ट्रोल, स्मोकिंग, ओबेसिटी, कम एक्टिविटी, खराब लाइफ़स्टाइल और तनाव के शिकार रहते हैं तो आपको कार्डियक अरेस्ट का खतरा ज्यादा रहता है. 

कार्डियक अरेस्ट से कैसे बचें

1- ज्यादातर लोगों को हार्ट अटैक की वजह से कार्डियक अरेस्ट आता है. इसलिए आपको अपने हार्ट को हल्दी बनाए रखना जरूरी है.
2- आपको अपने ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखना जरूरी है
3- हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए ब्लड प्रेशर को कंट्रो रखें. 
4- सिगरेट से दूर रहें और ऑयली चीजें न खाएं, जिससे कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रहे.
5- हेल्दी और विटामिन से भरपूर डाइट लें. कम मसालेदार खाना खाएं.
6- तनाव, नेगेटिविटी से दूर रहें. खुद को एक्टिव रखें और रोज एक्सरसाइज़ करें.

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

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